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Homeउत्तर प्रदेशउधारी ना वापस करने के चक्कर में हुई थी श्रीकांत की हत्या

उधारी ना वापस करने के चक्कर में हुई थी श्रीकांत की हत्या

हैदरगढ़, बाराबंकी – श्रीकांत हत्याकांड का कोतवाली पुलिस ने सफलता हासिल किया है। पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है, जिसे पुलिस द्वारा उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बताते चलें कि क्षेत्र के पेचरूआ गाँव निवासी 65 वर्षीय श्रीकांत दीक्षित की हत्या पैसों के लेनदेन के विवाद में अभियुक्तों द्वारा बड़ी ही बेरहमी के साथ बांका व हथौड़ा से सिर पर वार कर की गई थी। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से एक अदद अवैध तमंचा 12 बोर व एक खोखा व जिन्दा कारतूस 12 बोर, वैगनार कार के साथ आलाकत्ल बांका व हथौड़ा को बरामद किया हैं। इसके साथ ही पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर बहुता गाँव में एक कुएँ से मृतक की मोटरसाइकिल को भी बरामद किया हैं। पुलिस के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के पेचरूआ गाँव निवासी श्रीकांत दीक्षित बीते 27 फरवरी को घर से दवा लेने के लिए सीएचसी हैदरगढ़ गए थे, शाम को वापस न लौटने पर तमाम खोजबीन के बाद परिवारीजनों ने कोतवाली हैदरगढ़ पहुंचकर परिजनों द्वारा हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए कुछ लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई। वहीं 2 मार्च को श्रीकांत दीक्षित का शव पड़ोसी जनपद के थाना बछरावां अन्तर्गत देवपुरी गाँव के पास शारदा सहायक नहर में उतराता हुआ मिला था।  पुलिस के मुताबिक 3 मार्च की रात्रि को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हैदरगढ़ अजय प्रकाश त्रिपाठी ने मुठभेड़ दौरान आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिसमें पुलिस द्वारा पीछा करने पर हुई फायरिंग के जवाब में पुलिस फायरिंग में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल होने के बाद बाबा का पुरवा मजरे अंसारी निवासीगण राकेश कुमार, पूर्णमासी व राहुल  पुत्रगण जवाहर लोध निवासी को गिरफ्तार कर  घायल राकेश कुमार को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे व निशांदेही से 1 अदद तमंचा 12 बोर व 1 जिंदा, 1 खोखा कारतूस, एक अदद वैगनार कार यूपी 32 पीएम 3868, एक अदद मोटरसाइकिल, एक अदद आलाकत्ल बांका तथा एक अदद आलाकत्ल हथौड़ा पुलिस ने बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक आरम्भिक जांच से ज्ञात हुआ कि तीनों अभियुक्त सगे भाई हैं अभियुक्तगण द्वारा श्रीकान्त दीक्षित से करीब डेढ़ वर्ष पूर्व डेढ़ लाख रुपए उधार लिये गये थे जब श्रीकान्त दीक्षित द्वारा अभियुक्तगण से पैसा वापस मांगा जाता था तो बहाना बनाकर टाल देते थे। 27 फरवरी को श्रीकान्त दीक्षित अपनी मोटरसाइकिल से अभियुक्त राकेश कुमार की कस्बा स्थित बेल्डिंग की दुकान पर पैसा मांगने गये थे, अभियुक्तगण द्वारा श्रीकान्त दीक्षित को विश्वास में लेकर अपनी दुकान के अन्दर ले जाया गया जहां मौका पाकर बांका व हथौड़ा से ताबडतोड वार करके श्रीकान्त दीक्षित की हत्या कर दी तथा दुकान बन्द करके चले गये थे, रात्रि हो जाने पर अभियुक्तगण द्वारा मृतक की मोटरसाइकिल बहुता गांव के पास एक कुँए में डाल दी थी। वहीं मृतक के शव को वैगनार कार से ले जाकर जनपद रायबरेली के थाना बछरावां क्षेत्रान्तर्गत ग्राम देवपुरी में शारदा सहायक नहर में फेंक दिया था। वहीं पोस्टमार्टम के बाद पहुंचे मृतक श्रीकांत दीक्षित के शव का सोमवार सुबह बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों की मौजूदगी में उनके पैतृक गाँव में कर दिया गया।

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