फतेहपुर, बाराबंकी – हालीआन प्रोजेक्ट के अन्तर्गत सीमैप के डायरेक्टर डॉ प्रबोध कुमार त्रिवेदी के निर्देशन मे मंगलवार को तहसील फतेहपुर के ग्राम करौदी गांव मे एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया सिमैप से वैज्ञानिको ने किसानो को उन्नतिशील पिपरमिंट खेती करने की जानकारी दी गयी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ0 अनिल कुमार सिंह ने कहा कि पिपरमिंट की खेती कम समय में अच्छी आमदनी का स्रोत है। जिसका क्रय एवं विक्रय खुले एवं ऑनलाइन प्रतिदिन बाजार भाव के समतुल्य किया जा रहा है। पिपरमिंट एक औषधीय वाली फसल है। उन्होंने मेंथा की जड़ के बारे में मेंथा को कैसे लगाए कैसे उसका पौध तैयार करे कम पानी दे कैसे फसल को तैयार करे आदि को बताया तथा सीमैप से आए डॉ रक्षपाल ने मेंथा के लीजे से कैसे बर्मी कंपोस्ट तथा जैविक कटलरी मशरूम की खेती कैसे करे और कैसे अपनी आय को बढ़ाए और अपने वातावरण को दूषित होने से बचाए ,उसका बहुत अच्छे से बताया । जिसमें उपस्थित सीमैप के शोधार्थी मयंक श्रीवास्तव,धर्मेन्द्र सिंह वर्मा,अमरेंद्र सिंह,अंकुल वर्मा, सुधीर यादव आदि उपस्थित थे ।
एक दिवसीय किसान गोष्ठी के आयोजन में किसानों को दी गई उन्नतशील मेंथा खेती की जानकारी
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