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काव्य गोष्ठी में नामचीन कवियों की रचनाओं पर बजी जमकर तांलियां भीषण कड़कड़ाती ठण्ड में भी जुटी भीड़

मसौली, बाराबंकी- मसौली चैराहा स्थित शिवगँगा मैरिज लान मे रविवार को शिवगंगा साहित्य सेवा समिति की ओर से आयोजित मासिक काव्य गोष्ठी मे नामचीन कवियों ने कविता पाठ कर अपने अपने विचार रखे। समिति के अध्यक्ष राजकुमार सोनी ने की अध्यक्षता मे आयोजित काव्य गोष्ठी मे कवि वीरेंद्र सिंह करुण ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करते हुए कविता पढ़ी, नयन के जल बिंदु से तेरी करूं मैं वंदना, चल पड़ा सन्मार्ग हो जाऊं फिर मैं मंद ना। खो दिया उन्माद में, अभिमान में, अनजान में, पंच क्लेशों में प्रथम आए अविद्या बंध ना। गोष्ठी में दर्जनों कवियों ने काव्य पाठ किया। कभी नगेंद्र ने पढ़ा जिसके आंचल की छाया में समा जाएं भुवव तीनों वह मां है उसकी ममता का भला परिमाप क्या होगा।
शायर विनोद कुमार चैधरी ने पढ़ा, जिनसे अब तक नहीं बनी है उनसे भी, वक्त गरज को हाथ मिलाना पड़ता है। सलबैले कवि ने कविता पढ़ी कि देखूं सब में भगवान सभी में अवध बिहारी। फतेहपुर से आए कवि कुंदन सिंह ने देश प्रेम की कविता पढ़ी, जिस देश के हृदय में अग्रणी शौर्य गाथाएं। इंद्र प्रकाश सिंह ने कहा, पढ़े लिखे अनपढ़ लगते हैं, अनगढ़ श्रमिक गवारों से। कुमार पुष्पेंद् ने सरदार वल्लभभाई पटेल पर रचना पढ़ी, जमाना भूल सकता है। किसी भी नाम को लेकिन, तुम्हारे नाम को हरगिज भुलाया जा नहीं सकता। इस अवसर पर अनेक क्षेत्रीय गणमान्य उपस्थित रहे।

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