नोएडा: उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध के एक बड़े मामले में पीड़ित को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। नोएडा निवासी सुभाष चंद्र मल्होत्रा ने आरोप लगाया है कि साइबर ठगी के मामले में कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद उन्हें पूरी धनराशि वापस नहीं मिली है।
पीड़ित के अनुसार, 31 मई 2025 को माननीय न्यायालय ने आदेश दिया था कि 6,70,243 रुपये उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएं। हालांकि, अब तक उन्हें केवल 63,000 रुपये ही प्राप्त हुए हैं, जबकि शेष राशि अभी भी लंबित है।
सुभाष मल्होत्रा ने बताया कि इस साइबर ठगी में उनके साथ कुल 2 करोड़ 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। घटना के तुरंत बाद अप्रैल-मई 2025 में साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और बड़ी रकम बरामद भी की गई थी।
पीड़ित का दावा है कि मामले में करीब 14 करोड़ 50 लाख रुपये आरोपियों से बरामद किए गए हैं, बावजूद इसके उन्हें उनकी पूरी रकम नहीं लौटाई गई है। उन्होंने बताया कि वह लगातार साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर विनोद यादव के संपर्क में हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिवहरी मीना, एसीपी प्रीति यादव और इंस्पेक्टर विनोद यादव द्वारा कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर पीड़ित को राहत नहीं मिली।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए मांग की है कि:-
कोर्ट के आदेश के अनुसार शेष 6,70,243 रुपये तुरंत ट्रांसफर कराए जाएं।
बरामद धनराशि से बाकी 2.39 करोड़ रुपये भी जल्द वापस दिलाए जाएं।
संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पीड़ित ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है और सभी जरूरी दस्तावेज जैसे FIR, कोर्ट आदेश और प्राप्त राशि की सूची संलग्न की है।
अब सवाल यह उठता है कि जब कोर्ट का आदेश मौजूद है और आरोपियों से करोड़ों की बरामदगी भी हो चुकी है, तो आखिर पीड़ित को उसका हक क्यों नहीं मिल पा रहा है?




