Homeउत्तर प्रदेशपलवल जिले के पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन आईपीएस की कार्य प्रणाली को...

पलवल जिले के पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन आईपीएस की कार्य प्रणाली को लेकर पलवल जिला बार एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से कहा अगर उन्होंने अपना रुख नहीं बदला तो 20 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की दी डाली चेतावनी

8 / 100 SEO Score

पलवल – के पातली गांव में, हाल ही में 6 जनवरी को भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में गोलीकांड हुआ था इसमें करीब 40 राउंड गोलियां चली थी जो आज भी थमने का का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक पक्ष दूसरे पक्ष को दोषी बता रहा है वही पलवल पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन आईपीएस विवादों के घेरे में आ गया है। अब देखना यह है कि पुलिस के द्वारा कब किस पक्ष को कितना और कब तक न्याय मिल पाता है या नहीं। आईए विस्तार पूर्वक जानते हैं हकीकत में मामला क्या है देखिए। आज उसी कड़ी में पातली गांव की चर्चित विवादित जमीन एवं पीड़ित पक्ष की सुनवाई ना होने को लेकर पलवल जिला बार एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के जिला प्रधान रविंद्र चौहान उर्फ टीटू की। अधिवक्ताओं की आपातकालीन बैठक पीड़ित पक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शिवनारायण तेवतिया के आवाहन पर पलवल बार रूम में हुई। जिसमें बार के अनेको पूर्व प्रधानों एवं अन्य पदाधिकारीयो तथा वरिष्ठ वकीलों ने अपने-अपने विचार रखें और सर्व सम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया कि पीड़ित पक्ष शिवनारायण तेवतिया के भतीजे कुलबीर तेवतिया एडवोकेट जिस पर उक्त पातली गांव की विवादित जमीन का मालिकाना हक है व उनके परिजनों के खिलाफ जो झूठा मुकदमा / FIR -No -12, जोकि 6 जनवरी 2025 थाना शहर पलवल द्वारा किया गया था। उसे पुलिस द्वारा आगामी सोमवार 20 जनवरी 2025 तक रद्द किया जाए तथा पीड़ित पक्ष कुलबीर तेवतिया वकील ने जो घटना से संबंधित स्थानीय थाने में दोषियान के खिलाफ दो दरखास्त 25 दिसंबर.2024 तथा 6 जनवरी 2025 को थाना शहर पलवल में दी हुई है उन पर मुकदमा दर्ज शीघ्र ही होना चाहिए। यदि आगामी 20 जनवरी सोमवार तक दोनों मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो। पलवल जिला बार एसोसिएशन जिला पुलिस अधीक्षक पलवल के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल करेगी वही कोर्ट का कार्य पूर्ण रूप से स्थगित किया जाएगा। पीड़ित वकील कुलबीर तेवतिया या उसके परिजनों पर पुलिस ने कोई भी कार्रवाई करी तो पलवल पुलिस को जिला कोर्ट में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा और इस मुकदमे में कोई अधिवक्ता पेश नहीं होगा। यदि कोई अधिवक्ता जानबूझकर पेश होता है तो उसकी बार की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी वही पलवल जिला बार एसोसिएशन ने आज के इस प्रस्ताव की प्रतिलिपि जिला एवं सत्र न्यायाधीश पलवल, एडमिनिस्ट्रेटिव जज पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, DGP हरियाणा, एसपी पलवल, अध्यक्ष बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा, मुख्यमंत्री हरियाणा को भी भेज दी गई है।

रिपोर्ट – संतोष शर्मा

8 / 100 SEO Score
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular