अमेठी – भागवत कथा श्रवण से जीव का कल्याण होता है। भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। इससे जीवन के हर पहलू को देखने, सुनने, सीखने का मौका मिलता है। ये बातें बृहस्पतिवार को ब्लॉक जामों के नंदमहर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन प्रवाचिका साध्वी पूजा शास्त्री ने कहीं। प्रवाचिका ने बताया कि जिस तरह सुख के साथ दुख है, उसी तरह गरीबी और अमीरी है। मनुष्य को निरंतर अपना कर्म करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि मित्र वही है जो सुख-दुख में साथ खड़ा हो। गरीबी व अमीरी में फर्क न समझे। मित्रता सुदामा और भगवान कृष्ण की तरह होनी चाहिए, जो बिना किसी स्वार्थ के हो। भागवत कथा कराने से ज्यादा सुनने वाले को फल मिलता हैं। इस दौरान ओम प्रकाश यादव, बाबू लाल, कंसराज यादव, प्रियंक हरि विजय तिवारी, विजय प्रकाश, राम प्यारे यादव, पवन पांडेय आदि मौजूद रहे।




