Thursday, February 12, 2026
spot_img

12.1 C
Delhi
Thursday, February 12, 2026
spot_img

Homeउत्तर प्रदेशशीतलहर से बढ़ी ठिठुरन, सूरज निकला तो छंटा कोहरा, मिली रहात

शीतलहर से बढ़ी ठिठुरन, सूरज निकला तो छंटा कोहरा, मिली रहात

सुल्तानपुर- ठंड अपने पूरे शबाब पर है। सुबह ऐसा घना कोहरा पड़ता है कि वाहन चालक परेशान हो जाते हैं। सूरज निकलने से धुंध थोड़ी छंटती है लेकिन शीतलहर जारी रहती है। मौसम विभाग के मुताबिक कुछ दिनों तक ठंड में राहत की उम्मीद नहीं है। पिछले कई दिनों से ठंड से जनजीवन बेपटरी है। जरूरी काम से ही लोग घर से निकल रहे हैं। अन्यथा की स्थिति में लोग अलाव या फिर रजाई के अंदर ही रहना मुनासिब समझ रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी मौसम सर्द दिखा। भोर से सुबह साढ़े आठ बजे तक आसमान में घना कोहरा छाया रहा। इस बीच सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। वाहन चालक फाॅग लाइटों के सहारे गंतव्य तक पहुंचे। वहीं सुबह के समय कोचिंग पढ़ने वाले बच्चों को भी कोहरा का सामना करना सुबह साढ़े नौ बजे धूप निकलने पर कोहरा छंट गया। ठंड से बेहाल लोगों को धूप निकलने से मामूली राहत मिली। दोपहर बाद से धूप और बादल के बीच लुकाछिपी का दौर शुरू हो गया, जो पूरे दिन जारी रहा। शाम होते ही कोहरा पड़ने लगा और शीतलहर से सड़कों पर आवाजाही कम होनी शुरू हो गई। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसमें सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। वहीं न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें भी सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। उत्तरी-पछुआ हवा की गति 3.4 किमी प्रति घंटा रही। उन्होंने बताया कि आगामी 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हवा सामान्य गति से पश्चिमी चलने और आगे भी शीतलहर का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों में कोहरे और नमी के साथ शीतलहर ने किसानों को खुश कर दिया है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक गेहूं की फसल के लिए कोहरा फायदेमंद है। ठंड का मौसम गेहूं समेत रबी की फसलों के लिए अच्छा होता है। इससे अनाज की गुणवत्ता बढ़ेगी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए कोहरे का मौसम फायदेमंद है। कुछ दिन पहले, दिन का तापमान अधिक था जो उचित वृद्धि के लिए अनुकूल नहीं था। किसानों को फसलों की सिंचाई भी करनी चाहिए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular