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पलवल आंगनबाड़ी सैकड़ो महिला कार्यकर्ताओं ने हरियाणा भाजपा सरकार की नीतियों को लेकर पलवल लघु सचिवालय में स्थित जिला मुख्य मुख्यालय पर दूसरे दिन धरना प्रदर्शन किया

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पलवल – हरियाणा भाजपा सरकार की नई नीति, नए पोषण ट्रैकर को बंद कराने, न्यूनतम वेतन 26 हज़ार होना चाहिए तथा आंगनवाड़ी वर्कर्स को तृतीय श्रेणी एवं हैल्पर्स को चतुर्थ श्रेणी का दर्जा देने की मांग को लेकर आज जिले की सैंकड़ों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी के प्रतिनिधि गंगाराम को मांगों का ज्ञापन सौंपा। धरना प्रदर्शन का संचालन यूनियन की जिला सचिव गीता देवी द्वारा किया गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान कृष्णा बघेल की। प्रदर्शन में यूनियन की प्रदेश महासचिव उर्मिला रावत व सीआईटीयू के नेता रमेशचंद आदि ने हरियाणा सरकार विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी-अपने विचार रखें। प्रदर्शन में शामिल आंगनवाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स को सम्बोधित करते हुए यूनियन की प्रदेश महासचिव उर्मिला रावत व सीआईटीयू के नेता रमेशचंद ने संयुक्त रूप से कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लागू पोषण ट्रैकर के कारण आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कई व्यवहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विभाग को बार बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। समस्या का समाधान निकालने के बजाय विभाग ऑन लाइन काम का दबाव बना रहा है। हरियाणा सरकार आंगनवाड़ी वर्कर्स को कुशल व हैल्पर्स को अकुशल का दर्जा देने में भी आनाकानी कर रही है। उदाहरण के तौर पर देश की सर्वोच्च न्यायालय ने गुजरात की वर्कर व हैल्पर को तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में नियमित करने का निर्णय दिया है। विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र व क्रेच केन्द्रों को एक साथ संचालित करने के निर्देश के कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद आँगनबाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स का हड़ताल की अवधि के बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। विभाग के नीतिगत फ़ैसले के बावजूद वर्कर्स को सुपरवाइजर तथा हैल्पर्स को वर्कर के तौर पर पदोन्नत नहीं किया जा रहा है। यूनियन नेताओं ने बताया कि गुड़गांव व दादरी जिलों में आन्दोलन के दौरान बने मुकदमों को विभाग के आश्वासनों के बावजूद वापिस नहीं लिया गया है।उन्होंने मांग की कि विभाग में खाली पड़े पदों को जल्द भरा जाए। प्रदर्शन में यूनियन नेता शशिबाला,बिमलेश फौजदार, मकीना,सुनीता,महेश,योगेश,परसंदी,सीमा,ऊषा,चांदनी,शकुंतला,कृष्णा,रजनी,अरसीना व फ़राना ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

रिपोर्ट – संतोष शर्मा

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