सुल्तानपुर , अयोध्या – इनायतनगर थाना क्षेत्र के पाराताजपुर में युवती की मौत के बाद उसके साथी की भी 48 घंटे में सांसें थम गईं। इसी के साथ कमरे के अंदर हुई घटना का राज भी दफन हो गया। अब मृतक के दोस्त जय सिंह और उनकी पत्नी के बयान ही पुलिसिया कहानी बनकर रहने के आसार हैं। हालांकि युवक की मौत के बाद अब पुलिस दंपती पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है। इनायतनगर थाना क्षेत्र के अगरवा पठखौली निवासी सरिता प्रजापति (26) बुधवार शाम लगभग चार बजे घर से ननिहाल जाने की बात कहकर निकली थी। बृहस्पतिवार सुबह उसका शव इसी थाना क्षेत्र के पाराताजपुर में बोरी में मिला। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि पाराताजपुर में युवती अपने साथी सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के पूरे फत्ते निवासी विकास पाल के साथ रुकी थी। घटना के दौरान मकान में मौजूद जय सिंह और उनकी पत्नी से पूछताछ में पता चला कि युवती ने फांसी लगा ली थी और युवक गंभीर हालत में जमीन पर पड़ा था। युवक को उन लोगों ने अस्पताल पहुंचाया और उसके परिजनों को सूचित किया। इसके बाद खुद बचने के चक्कर में युवती की लाश को बोरी में भरकर फेंक दिया था। पुलिस इसकी हकीकत जानने के लिए युवक के होश में आने का इंतजार कर रही थी। उसे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। वहां भी एक सिपाही निगरानी में लगा था। इस बीच शनिवार सुबह लगभग आठ बजे युवक ने दम भी तोड़ दिया। इसके साथ ही कई सवाल भी रहस्य बनकर रह गए हैं। युवती के फांसी लगाने वाले स्थल पर खून से सना हुआ बांका मिला है। जय सिंह और उसकी पत्नी ने बांका उनका होने से इंकार किया है। उनका कहना है कि युवती ही अपने साथ बांका लाई थी। ऐसे में सवाल है कि यदि वह पहले से युवक की हत्या के इरादे से आई थी तो घटनास्थल यहीं पर क्यों चुना। पुलिस सूत्रों के अनुसार विकास काफी समय से सरिता के साथ संबंध में था। इस बीच उस की शादी सुल्तानपुर के ही एक गांव में तय हुई थी। इसी वजह से उसने युवती से बातचीत कम कर दिया था। घटना की एक वजह इसे भी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि शायद इसीलिए सरिता युवक के साथ कमरे में आई और वारदात के लिए उसके सोने का इंतजार करने लगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। घटना की वजह हैंगिंग बताई गई है। घटनास्थल पर युवती के कपड़ों पर खून के छींटे मिले हैं, जिन्हें देखकर ही पुलिस चकरा गई थी। हालांकि इन्हीं छींटों के आधार पर पुलिस को जांच की दिशा मिली और वास्तविक घटनास्थल तक वह पहुंच सकी। इन्हीं छींटों के आधार पर ही माना जा रहा है कि युवती ने युवक पर धारदार हथियार से वार किया होगा। एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी ने बताया कि पूछताछ में जय सिंह और उनकी पत्नी ने बताया कि मृतकों के कमरे से लड़ाई-झगड़े की आवाज नहीं आई थी। भोर में लगभग चार बजे अचानक से किसी की तेज सांसें चलने और खरखराहट जैसी आवाज हुई तो वह लोग उनके कमरे के पास गए। कमरा अंदर से बंद होने के कारण तुरंत नहीं खोल सके। कुंडी के बगल रखे ईंट को तोड़कर उन्होंने पीछे से कुंडी खोली और अंदर देखा तो विकास खून से लथपथ गंभीर हालत में पड़ा था। पुलिस के अनुसार घटना के दौरान मकान में मौजूद जय सिंह और उनकी पत्नी सुल्तानपुर के ही रहने वाले हैं। जय सिंह मृतक विकास का दोस्त है। जय सिंह की पाराताजपुर में ससुराल है, जहां सिर्फ उसकी सास रहती हैं। दंपती और विकास सुल्तानपुर से साथ ही आए थे। एक कमरे में जय सिंह और उसकी पत्नी और दूसरे में विकास और युवती रुके थे। युवक की शादी तय होने की चर्चा है। यह भी घटना की एक वजह हो सकती है। मामले की जांच की जा रही है। मृतकों के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
युवती की मौत के बाद उसके साथी की भी 48 घंटे में सांसें थम गईं। इसी के साथ कमरे के अंदर हुई घटना का राज भी हुए दफन
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