Homeबाराबंकीरावण को मिला दंड, श्री राम ने छोड़े 31 बाण प्रचंड

रावण को मिला दंड, श्री राम ने छोड़े 31 बाण प्रचंड

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बाराबंकी- पारंपरिक रामलीला का राज्यमंत्री संग जनप्रतिनिधियों एवम प्रशासनिक अधिकारियों ने कबूतर उड़ाकर शुभारंभ किया। मंचन में जहां अंत तक रावण का अट्टहास गुजत् रहा। वहीं पिरभु श्रीराम ने 31 अमोघ वाणों का संधान कर बुराई के प्रतीक रावण का संहार कर दिया। लेकिन जो आज भी येगी राज के रामराज्य में भ्रष्टाचार के रुप में चहुं ओर जीवन्त है। पताते चलें की मुख्सैय शहर की सैकड़ों वर्ष पुरानी नगर की ऐतिहासिक रामलीला में इस बार रावण का काफिला और सजीव लीला मंचन देखने के लिए लाखो की भीड़ उमड़ पड़ी, आलम यह रहा कि मैदान में पैर रखने की जगह नही रही, नगर के प्रमुख मार्गो पर हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए, हर घर की खिड़की और छते दर्शको से भरी रही, रावण का काफिला और नए पुष्पक विमान की एक झलक पाने को लोग बेताब रहे, हजारों कैमरे एक साथ इस रोमांचित कर देने वाली सवारी को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करने में मशगूल रहे।
विशालकाय पुतले में आग लगाई गई और धू-धू कर रावण का पुतला जल उठा और आतिशबाजी से आसमान सतरंगी हो गया। दर्शकों की भारी भीड़ को लेकर स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त कर रखे।
लीला मंचन शुरू कराते हुए लीला व्यास पंडित प्रमोद पाठक की संगीतमयी चैपाइयों ने दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभीषण को कुलद्रोही मानकर रावण उन्हें भरी सभा में निकाल देता है। विभीषण प्रभु श्री राम की शरण लेते है, मेघनाद व कुंभकर्ण जैसे बलशाली रावण के भाइयों को प्रभु राम ने वधकर लंकेश को सीधे चुनौती दी। जय श्री राम का उद्घोष करती वानर और उत्पात मचाती राक्षसी सेना आकर्षण का विषय रही।
पुष्पक विमान पर सवार अहंकार में चूर रावण युद्घ की एक झलक पाने को लोग बेताब रहे,राम व रावण में संवाद के बाद आधुनिकतम हाइड्रोलिक मंच पर युद्घ शुरु हुआ। श्री राम की शरण में गए विभीषण प्रभु को रावण की मृत्यु का राज बताते हैं, श्री राम के द्वारा रावण की नाभि पर 31 तीर छोड़ते ही रावण धराशायी हो जाता है। रावण के वध के साथ ही स्थल जय श्री राम के उदघोष से गूंज उठता है। मेलास्थल पर लगने वाली वार्षिक दुकानों पर नौनिहालों ने पहुंचकर मनचाही चीजें खरीदीं। देर रात तक मेला स्थल लोगों से गुलजार रहा।
अंगद रावण संवाद को जनता की खूब तालियां मिली, रावण के रूप में अमर सिंह तो अंगद के रूप में शिवांग पाठक, मेघनाथ के रूप में कुणाल सिंह, हनुमान के रूप में राजीव पाठक, विभीषण के रूप में रजत त्रिवेदी ने सफल मंचन किया, सरदार भूपिंदर सिंह की तरफ से भव्य आतिशबाजी का आयोजन कराया गया, वही आधुनिकतम हाइड्रोलिक मंच का प्रबंधन कुशल अग्रवाल की तरफ से कराया गया, मंच संचालन रमेश निगम द्वारा किया गया, इस दौरान रामलीला का मंचन देखने, राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद मौर्य, सांसद तनुज पुनिया, प्रियंका सिंह रावत,राजरानी रावत, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सपा विधायक सुरेश, नगर पालिका अध्यक्ष शीला सिंह एवम प्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा आदि लोग बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।
अध्यक्ष अनिल अग्रवाल एवम महामंत्री शिव कुमार वर्मा ने समिति की तरफ से पुलिस प्रशासन की व्यवस्था को लेकर आभार व्यक्ति किया, इस दौरान प्रबंधक राम लखन श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष संतोष सिंह, संतोष जायसवाल,राजकुमार वर्मा, राजेश गुप्ता कृष्णा, मुन्ना सोनी, रमेश चंद्र कुरील, सुशील गुप्ता, अंकित गुप्ता गोलू, राजू पटेल, विनय सिंह, विक्रम सिंह, राकेश वर्मा, राजेश मौर्या खन्नू एवम समस्त युवा कार्यकारिणी प्रमुख रूप से मौजूद रही।

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