केंद्रीय और विभिन्न ट्रेड यूनियनों से जुड़े कर्मचारियों व मजदूरों ने एक दिवसीय 9 जुलाई को हड़ताल करने की घोषणा की थी, जिसका मिलाजुला असर देखने को मिला। कालका शहर में रोडवेज की बसें चल रही थी, ऑटो भी रूटीन की तरह ही चलते देखे गए। प्राइवेट बैंक्स हर रोज की तरह ही खुले हुए थे, जबकि सरकारी बैंक्स कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया।

फेमस टीवी के अनुसार नगर परिषद कालका के पालिका रोल पर कच्चे कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे, तथा उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों की मुख्य मांगें जिनमें नौकरी पक्की करना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, निजीकरण का विरोध, आउटसोर्स ठेका कर्मियों के अलावा आंगनबाड़ी, आशा, मिड डे मील कर्मचारियों को नियमित करने आदि शामिल थीं। कर्मचारियों का कहना था कि काफी लंबे अरसे से उनकी यह मांगें लंबित पड़ी हैं, जिन पर सरकार केवल आश्वासन ही देती है, परंतु लागू करने में असफल रही।




