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जे सी बोस यूनिवर्सिटी मे हुआ पलवल के शिक्षाविद् डॉ.राजेश मंगला के काव्य संग्रह का विमोचन

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हरियाणा के पलवल दूधौला गांव में स्थित श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी के कुलगीत के लेखक तथा जाने-माने साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ. राजेश कुमार मंगला के काव्य संग्रह ‘अतीत के गहने’ पुस्तक का विमोचन फरीदाबाद की जे सी बोस यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलोजी के कुलपति डॉ.सुशील कुमार तोमर द्वारा किया गया I इससे पहले भी डॉ.तोमर ने शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ.मंगला की काव्य पुस्तक ‘युवा कविता का नाद’ का विमोचन गतवर्ष किया था I इसके अतिरिक्त शिक्षाविद् डॉ.मंगला ने अपनी दो और पुस्तकें ‘कम्युनिकेशन, मीडिएशन एंड रिजोल्यूशन तथा राइटिंग स्किल्स एंड आर्ट ऑफ़ रिटोरिक भी कुलपति को भेंट कीं।


इस अवसर पर कुलपति डॉ. तोमर ने जाने माने शिक्षाविद एवं साहित्यकार डॉ.मंगला को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भविष्य में और भी ऐसी पुस्तकें लिखें जो आज की युवा पीढ़ी को मार्गदर्शन और रचनात्मक बनने की प्रेरणा दें पाएं .

उन्होंने शैक्षणिक पुस्तकों के सन्दर्भ में कहा कि केवल पुस्तकों में ज्ञान डालने के साथ साथ, यदि इन्हें कक्षा में पढ़ाने वाले अध्यापक भी पूरी निष्ठा और समर्पण भाव से अपने दिल में उतार कर अपनी श्रद्धा के साथ कार्य करें तो एक दिन शिक्षा भी सही मायने में अर्थपूर्ण और सार्थक हो जाएगी

इस अवसर पर वहां उपस्थित यूनिवर्सिटी की भाषा और साहित्य विभाग प्रमुख प्रोफेसर (डॉ.) दिव्या ज्योती, दिल्ली की जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर खलील अहमद, अग्रवाल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.योगेश गोयल, सहकार भारती के प्रान्त मंत्री मोहित पाठक, विजय दहिया, एवं आर पी वार्ष्णेय आदि गणमान्य शिक्षाविद् और पत्रकार बंधुओं ने डॉ.राजेश मंगला की भूरी-भूरी प्रशंसा कर उनके उज्जवल साहित्यिक भविष्य की कामना की।


वहीं शिक्षाविद् डॉ राजेश कुमार मंगला ने समान स्वरूप श्रीफल और फूलों का गुलदस्ता देकर यूनिवर्सिटी में कुलपति का अभिनन्दन किया वही उन्होंने अपनी पुस्तक के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि यह काव्य संग्रह विभिन्न मानवीय और राष्ट्रीय भावनाओं को प्रतिबिंबित करता है जिसमे आक्रोश, दर्द, व्यंग और प्रेम भी है। इस दौर में व्यवस्थाओं और मानवताओं के शत्रुओं को व्यंग के माध्यम से ललकारती यह काव्य पुस्तक अतीत के गहने, युवाओं में आशा के दीप भी जलाएगी है।।

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