बाराबंकी – बिजली के निजीकरण के विरोध में प्रांत भर में विरोध प्रदर्शन किया। लखनऊ से बाराबंकी में आए संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारीयो ने बिजली के निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील की। वहीं मामले को ले विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केन्द्रीय कार्यकारिणी की अगुवाई में तेजतर्रार युवा सांसद तनुज पुनिया को विद्युत विभाग के पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल डिस्कॉम का निजीकरण किये जाने के विरोध में ने ज्ञापन सौंपा। समिति आह्वान पर बुधवार को लगातार 98 वें दिन बिजली कर्मचारियों ने प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजना मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन किया। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन 06 व 07 मार्च को भी यथावत जारी रहेगा। संघर्ष के 101वें दिन संघर्ष समिति के सभी घटक श्रम संघों और सेवा संगठनों के केंद्रीय पदाधिकारियों की लखनऊ में बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में निजीकरण निरस्त कराने के लिए संघर्ष तेज करने की रणनीति तय की जाएगी। घोसियाना बाराबंकी स्थित विद्युत कार्यालय में शाम 05 बजे एक विशाल विरोध सभा आयोजित की गयी, जिसमें विभिन्न सम्मानित वक्ताओं ने निजीकरण के बाद किसानों, विद्युत उपभोक्ताओं एवं कर्मचारियों को होने वाली भारी क्षति से अवगत कराया गया। संयोजक रामसनेहीघाट के अधिशासी अभियन्ता ई. अनूप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के साथ-साथ वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, प्रयागराज, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, हरदुआगंज, पारीछा, ओबरा, पिपरी और अनपरा में विरोध सभा हुई।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निजीकरण को ले किया धरना प्रदर्शन
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