मेरठ के गांधी आश्रम की बेशकीमती जमीन सरकार वापस लेगी। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने विधान सभा में बताया कि गांधी आश्रम की जमीन को सपा सरकार में कुछ लोगों को समझौते के तहत दिया गया था, जिसे अब सरकार ने अपने पक्ष में अधिग्रहीत करने का मन बना चुकी है। इस मामले में विधिक राय ली जा रही है जिन लोगों को जमीन दी गई थी उन्होंने कॉलेज बनाने की बात कही थी, पर उन्होंने इसे नहीं बनाया।
यह मामला विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय व सपा के अतुल प्रधान ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के रूप में उठाया था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मेरठ में गांधी आश्रम की जमीन पर कब्जा हो रहा है। यह हमारे पूर्वजों के खून-पसीने से सींची गई संस्था है। इस पर चर्चा की जाए जिससे कि वस्तुस्थिति सामने आ सके। अतुल प्रधान ने कहा कि इसकी जांच करा लें। करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। इस संस्था की जमीन बचाने की जिम्मेदारी सरकार की है।

मुख्यमंत्री के समक्ष पहले भी नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले को उठाया था, इस मामले में जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। वहां के प्रशासन ने आंखें मूंद ली हैं। यहां के गांधी आश्रम में तिरंगे बनते थे उसकी जमीन को कब्जा करने की कोशिश हो रही है। सरकार ने स्पष्ट किया इस जमीन को सरकार वापस लेगी।




