नई दिल्ली। भारत मंडपम में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिस तैयारी के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, उससे दिल्ली पुलिस को शक है कि भारत की छवि बिगाड़ने के मकसद से इन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह की हरकत की हो। शंका जताई जा रही है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कुछ बड़ी राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं ने उकसाने का काम किया हो।
प्रदर्शन में शामिल थे 10 कार्यकर्ता—

केस की विस्तृत जांच करने के लिए पुलिस एसआइटी गठित करने पर विचार कर रही है। हो सकता है जांच के लिए केस काे स्पेशल सेल अथवा क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया जाए। शनिवार को इन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए पुलिस मुख्यालय में आला अधिकारियों की उच्च तस्करी बैठक हुई। केस में यूएपीए की धारा लगाई जाए या नहीं इसको लेकर भी कानूनी राय ली जा रही है। प्रदर्शन करने में 10 कार्यकर्ताओं के शामिल होने का पता चला है।
यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं पर शक—

फरार कार्यकर्ताओं के माेबाइल के काॅल डिटेल से पुलिस उनके स्वजन, रिश्तेदारों व दोस्तों से संपर्क साध उनके बारे में पता लगा रही है। गिरफ्तार आरोपित कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार व नरसिम्हा यादव से पूछताछ में फरार कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी मिल गई है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें खीचने व वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने वाले दो-तीन अन्य शख्स भी यूथ कांग्रेस से जुड़े हो सकते हैं। जांच में उनके साजिश में शामिल होने की जानकारी मिलने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
राजनीतिक पार्टियों के नेता भी साजिश में शामिल —
दिल्ली पुलिस को आशंका है कि दुनिया की नजरों में भारत की छवि धूमिल करने के मकसद से ही कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ एआई समिट के दौरान कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया हो। पुलिस ने जिन धाराओं के तहत केस दर्ज किया है उनमें सात साल की सजा का प्रविधान है। सभी आरोपितों के पकड़े जाने पर उनसे पूछताछ और उनके मोबाइल के काल डिटेल रिकार्ड की जांच से पता चल सकेगा कि एआई समिट में प्रदर्शन करने की इनकी खुुद की योजना थी अथवा कुछ राजनीतिक पार्टियों के नेता भी साजिश में शामिल थे।




