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बाल विवाह पर प्राथमिकी न दर्ज होने पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने की जांचआयोग के आकस्मिक जांच पर पहुंचने पर मचा हड़कम्प

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हरख, बाराबंकी – बाल विवाह पर प्राथमिकी न दर्ज होने का संज्ञान लेते हुए सदस्य उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण  आयोग श्याम त्रिपाठी ने सघन निरीक्षण करते हुए पीड़िता एवं परिजन से उनके घर जाकर भेंट कर हर सम्भव सहायता के साथ निष्पक्ष जाँच व सुरक्षा का आश्वासन दिया।
पीड़िता के विद्यालय प्राचार्य, प्रबन्धक, नानी और भाई से संपूर्ण प्रकरण की गहन जानकारी इकठ्ठा कर विवेचना कर रहे निरीक्षक से पीड़िता को अविलंब न्यायालय बाल कल्याण समिति बाराबंकी के समक्ष प्रस्तुत करने को निर्देशित किया।
बताते चलें कि जनपद के घुघूटेर थाना अंतर्गत बीते 7 नवंबर को बालिका द्वारा बाल विवाह की शिकायत न दर्ज करने पर घुघूटेर  थाना के एक दरोगा पर कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया। उक्त प्रकरण में हस्तक्षेप के पश्चात 10 तारीख को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। निरिक्षण टीम द्वारा रोशनाबाद प्राथमिक विद्यालय और गणेशपुर प्राथमिक विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केंद्र निन्दूरदरा    बाराबंकी ,चाइल्ड लाइन बाराबंकी,वन स्टॉप सेंटर बाराबंकी  का भी निरिक्षण किया गया! प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील और  शैक्षणिक व्यवस्था की दशा देख टीम ने आला अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए अनुशासन,मेहनत और ईमानदारी से सरकारी योजनाओं को कार्यान्वित करने के निर्देश दिए! सदस्य श्याम त्रिपाठी ने आयोग की तरफ से न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और सदस्यों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। न्यायपीठ ने सदस्य का आभार व्यक्त किया।
निरिक्षण के दौरान न्यायालय बाल कल्याण समिति के सदस्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश शुक्ला सहित विभिन्न विभागों और स्वयसेवी संस्था के अधिकारी एवं विशेषज्ञगण उपस्थित रहे।



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