त्रिलोकपुर, बाराबंकी- प्रदेश सरकार ने गांवों में पंचायत घरों को हाईटेक बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर कंप्यूटर, फर्नीचर और सहायकों की तैनाती की है। लेकिन सरकारी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण पंचायत भवनों में ताले लटकते रहते हैं, जिससे गांववाले परेशानी का सामना कर रहे हैं। प्रशासन की मंशा पर पानी फेर रहे कर्मचारी विकास खंड रामनगर के ग्राम शाहपुर चकबहेरवा में पंचायत भवन का हाल कुछ ऐसा ही है। यहां बने पंचायत भवन पर अक्सर ताला लटका रहता है और ये भवन अब जंगल में तब्दील हो चुके हैं। पंचायत भवनों को हाईटेक बनाने के लिए कंप्यूटर और फर्नीचर की व्यवस्था तो की गई थी, लेकिन इनका कहीं कोई अता-पता नहीं है। यहां तैनात सहायक भी अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे गांववाले परेशान होकर खाली हाथ वापस लौट जाते हैं। दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई बीडीओ ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है और पंचायत भवनों के संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी रामनगर जितेन्द्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय हीलाहवाली में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन दोषपूर्ण
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