Homeउत्तर प्रदेशश्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भक्तों की भारी भीड़

श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भक्तों की भारी भीड़

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बाराबंकी- नगर पंचायत बंकी की अंतर्गत उत्तर टोला में स्थित स्वर्गीय गोले सेठ के निवास पर उनके पुत्रों द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक सुश्री अंकिता मृदुल महाराज द्वारा कृष्ण जन्म एवं कंस वध का व्याख्यान किया गया।
कथा का वर्णन करते हुए महाराज सुश्री अंकिता मृदुल ने बताया कि बचपन से कंस दुराचारी, आताताई अत्याचारी था जिसके कारण कंस के पिता सम्राट राजा उग्रसेन काफी दुखित रहते थे एक दिन उन्होंने अपने पुत्र कंस को समझने का प्रयास किया तो कंस द्वारा अपने पिता को बंदी बनाकर कारागार में डाल दिया गया।
कथा व्यास ने बताया कि कंस के जुल्म एवं अत्याचार से मानव ही नहीं संत व देव भी त्रस्त थे सभी देव मिलकर, श्री विष्णु की शरण में जाकर गुहार करने लगे की प्रभु दुराचारी, अत्याचारी कंस से निजात दिलाए तो श्री विष्णु ने देवताओं को अस्वस्थ किया कि वह शीघ्र ही कंस की बहन देवकी की कोख से आठवे  पुत्र के रूप में जन्म लेकर कंस का वध करेगे श्री विष्णु ने देवताओं को आदेश दिया कि वह सभी ग्वाले  के रूप में गोकुल जाकर मेरी प्रतीक्षा करें।
कथावाचक सुश्री अंकिता महाराज ने कहा कि कंस अपनी बहन  देवकी को अपनी जान से भी अधिक मानता था जबकि वह सगी बहन नहीं थी किंतु वह सगी बहन से भी अधिक प्यार करता था कंस ने अपनी बहन का विवाह वासुदेव से किया । विदाई के समय स्वयं कंस रथ को चलाकर अपनी बहन को उसकी ससुराल छोड़ने जा रहा था, तभी एक आकाशवाणी होती है कि ,हे कंस जिस बहन को तू इतनी लाल प्यार से उसकी ससुराल छोड़ने जा रहा है उसकी आठवीं संतान तेरा काल होगा और उसी के हाथों तेरी मृत्यु निश्चित है। आकाशवाणी सुनते ही कंस मौत के भय से भयभीत हो गया तथा गुस्से में अपनी बहन को बालों से पकड़ कर रथ से नीचे खीचकर  गिरा दिया और हत्या करने के लिए तलवार निकाल ली। अभी देवकी के पति वासुदेव ने कंस को वचन दिया कि देवकी की कोख से जो भी पुत्र जन्म लेगा देगी उसे वह कंस के हवाले कर देंगे। वासुदेव के वचन देने के बाद भी कंस ने अपनी बहन- बहनोंई को बंदी गृह में डाल दिया।
इस धार्मिक प्रसंग को आत्मसात करने के लिए भक्त देर रात्रि भक्ति के संगम में कथा के बीच-बीच में राधे-राधे का जाप करते रहे। कथा में महिलाओं की अपार भीड़ थी
कथा में प्रमुख रूप से शिशु जायसवाल, संजय जायसवाल ,राजेश जायसवाल, दिलीप कुमार श्रीवास्तव , वरुण, तरुण, रूप नारायण ,विवेक जायसवाल, पितुल जायसवाल, प्रदीप कुमार, भगवती मिश्रा, सोनू जायसवाल, राहुल जायसवाल, सूरज ,हिमालय, गोपाल मौर्य, राधेश्याम, जसवंत आदि लोग उपस्थित रहे।

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