Wednesday, February 11, 2026
spot_img

16.1 C
Delhi
Wednesday, February 11, 2026
spot_img

HomeNewsदेशभारत से बाहर जाए व्हाट्सऐप: SC

भारत से बाहर जाए व्हाट्सऐप: SC

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को व्हाट्सऐप और उसकी पैरेंट कंपनी मेटा को कड़ी चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि भारत के नागरिकों की प्राइवेसी से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। अगर कंपनी भारत के क़ानूनों का पालन नहीं कर सकती है तो भारत छोड़कर चली जाए। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने साफ कहा, ‘आप हमारे देश की प्राइवेसी से खेल नहीं सकते। हम आपके एक भी डिजिट को शेयर नहीं करने देंगे।’

यह सुनवाई व्हाट्सऐप की 2021 वाली प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ी है। इस पॉलिसी में यूजर्स के डेटा को मेटा और अन्य कंपनियों के साथ शेयर करने की बात है, जिसका इस्तेमाल विज्ञापन और कमर्शियल कामों के लिए किया जाता है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल यानी एनसीएलएटी ने जनवरी 2025 में एक आदेश दिया था, जिसमें कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा लगाई गई 213 करोड़ रुपये की पेनल्टी को बरकरार रखा गया था। मेटा और व्हाट्सऐप ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कंपनी की ओर से दिए गए ‘इनफॉर्म्ड कंसेंट’ यानी सहमति के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लाखों यूजर्स, जैसे सड़क किनारे ठेला लगाने वाले, ग्रामीण लोग या सिर्फ तमिल बोलने वाले, इन जटिल प्राइवेसी पॉलिसी को समझ ही नहीं पाते। कोर्ट ने टिप्पणी की, ‘शेर और भेड़ के बीच चुनाव जैसा है। या तो आप लिखित हलफनामा दें कि कोई डेटा शेयर नहीं होगा, या हम आपका केस खारिज कर देंगे।’

‘व्हाट्सऐप की पॉलिसी चालाकी से लिखी गई’—-

सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह पॉलिसी शोषणकारी है। सीजेआई ने कहा, ‘आपकी पॉलिसी इतनी चालाकी से लिखी गई है कि हमें भी समझने में दिक्कत होती है… तो बिहार के गांवों में रहने वाले लोग कैसे समझेंगे?’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर आप हमारे संविधान का पालन नहीं कर सकते, तो भारत छोड़ दें। हम किसी नागरिक की प्राइवेसी से समझौता नहीं करेंगे।’

व्हाट्सऐप की ओर से वकील ने कहा कि उनकी पॉलिसी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार है और डेटा शेयरिंग सिर्फ पैरेंट कंपनी तक सीमित है। लेकिन कोर्ट ने इसे नहीं माना और यूजर डेटा के व्यवहारिक और कमर्शियल शोषण पर जोर दिया।

यूजर की जानकारी मेटा के साथ शेयर न की जाए: SC

अंतरिम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सऐप को निर्देश दिया है कि मामले की पूरी सुनवाई तक किसी भी यूजर की जानकारी मेटा के साथ शेयर न की जाए। अगली सुनवाई के लिए मामले को 9 फरवरी को बड़ी बेंच के सामने लिस्ट किया गया है।

यह फ़ैसला भारत में डिजिटल प्राइवेसी और यूजर अधिकारों को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लाखों भारतीय यूजर्स व्हाट्सऐप इस्तेमाल करते हैं, इसलिए उनकी निजता की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। मेटा की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कंपनी पहले भी कह चुकी है कि पर्सनल मैसेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular