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पत्रकारों से अभद्रता कर छवि धूमिल करते अमर्यादित पुलिस अधिकारियों में सुधार कब…?

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जनपद बिजनौर के थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र के ग्राम रौनिया निवासी पत्रकार विकास शर्मा का एक प्लाट चांदपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला पतियापाड़ा में स्थित है ।

बताया जाता है कि उस प्लाट में सैकड़ो इंटे प्लाट स्वामी ने प्लाट की बाउंड्री ऊंची कराने की नीयत से रखी हुई थी। आरोप है कि बीती शाम कुछ दबंगो ने प्लाट पर ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर जबरन इंटे चुरानी शुरू कर दी । आरोप यह भी है कि इस बीच प्लाट स्वामी अपने प्लाट पर पहुंचे और दबंगो का विरोध किया तो दबंग लाठी, डंडो और तमंचे सहित प्लाट स्वामी पर हावी हो गए और जान की सलामती के लिए भाग जाने की नसीहत दे डाली ।


उधर जान बचाकर कानून की शरण मे कोतवाली चांदपुर पहुंचने पर पीड़ित पत्रकार विकास शर्मा ने जब थाना प्रभारी को आप बीती बताई तो चाँदपुर थाना प्रभारी पुष्कर सिंह मेहरा ने सारा मामला ही फर्जी बताते हुए पत्रकार के साथ अमर्यादित हो अशोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए अभद्रता शुरू कर पीड़ित को चलता कर दिया । विशेष बात यह है कि उन्होंने पीड़ित के पत्रकार होने का भी लिहाज नही किया ।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ चांदपुर थाना प्रभारी का यह व्यवहार बताता है कि आम जनमानस की समस्याओं को आखिर किस प्रकार सुना जा रहा होगा और उन्हें न्याय भी कितने प्रतिशत मिल रहा होगा । उधर पत्रकारों ने एकजुट होकर थाना प्रभारी चांदपुर के खिलाफ पुलिस अधीक्षक बिजनौर को शिकायती पत्र सौंपा है ।


हालाँकि जिले में पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार का यही एक मामला नही है वहीं दूसरा मामला स्योहारा थाना प्रभारी का है, बीती कल ही स्योहारा थाना प्रभारी धीरज नागर ने तो पत्रकारों को इतनी गालिया दे डाली कि ऑडियो वायरल होती ही पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा को आज थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करना पड़ा ।

स्योहारा थाना प्रभारी धीरज नागर

एक ही दिन में पुलिस का जिले के अलग अलग कोनो में मीडियाकर्मियों को यू टारगेट करना बताता है कि निवर्तमान बिजनौर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के बाद वर्तमान पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा का जिले के अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को कोई भय नही रहा है। साथ ही बिजनौर जिला का चार्ज लेने के उपरांत पत्रकारों के सम्मान को बनाये रखने का पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा का दावा भी फेल ही साबित होता प्रतीत हो रहा है ।

सुझाव- सभी जिलों में थाने और चौकी का चार्ज देने से पहले निरिक्षक /उप निरिक्षकों को मर्यादा, पब्लिक रिलेशन और प्रशासन की छवि चमकाने वाली पढाई की अति आवश्यकता है।

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