मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने साफ कहा है कि उनका देश किसी भी हालत में आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने यह बयान उस समय दिया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनकी सरकार तेहरान से “बिना शर्त आत्मसमर्पण” के बिना कोई बातचीत नहीं करेगी।
शनिवार को टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए पेज़ेश्कियन ने कहा,

“वे हमारे बिना शर्त आत्मसमर्पण के सपने को अपने साथ कब्र में ले जाएंगे। ईरान कभी सरेंडर नहीं करेगा। क्या वे ईरान में अमेरिका विरोधी प्रदर्शनों से वाकिफ नहीं हैं? जनता ईरान सरकार के साथ खड़ी है।”
खामेनेई की हत्या के बाद तीन सदस्यीय नेतृत्व परिषद—-
एक सप्ताह पहले ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद देश की सत्ता अस्थायी रूप से तीन सदस्यीय नेतृत्व परिषद के हाथों में है। इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसनी एजेई और वरिष्ठ धर्मगुरु अलीरज़ा अराफी शामिल हैं। नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति होने तक यही परिषद शासन संभाल रही है।
तेहरान में हवाई हमले, मेहराबाद एयरपोर्ट पर आग—–
शनिवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान में कई हवाई हमले हुए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तेहरान का मेहराबाद हवाई अड्डा आग की लपटों में घिरा दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि हमले में हवाई अड्डे के आसपास के कई सैन्य प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा है।
खाड़ी देशों पर ईरान के जवाबी हमले—–
संघर्ष अब आठवें दिन में पहुंच चुका है और ईरान की ओर से खाड़ी देशों पर जवाबी हमले जारी हैं। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शायबा तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी हवा में ही मार गिराया गया।
उधर बहरीन में शनिवार सुबह फिर सायरन बजने लगे और नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। रक्षा बलों ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सऊदी अरब की ओर दागी गई 84 मिसाइलें और 147 ड्रोन को रोका जा चुका है। पिछले 12 घंटों में ही छह मिसाइलें और चार ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए।
यूरोपीय देशों को भी चेतावनी—-
ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी यूरोपीय देश ईरान के खिलाफ हमलों में शामिल होंगे, वे तेहरान के लिए “वैध लक्ष्य” होंगे।
अमेरिका का दावा: 3,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला—-
वहीं अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि “एपिक फ्यूरी” ऑपरेशन के तहत ईरान के अंदर 3,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांड सेंटर और सैन्य संचार प्रणालियों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी कमांड के मुताबिक इन हमलों में ईरान के 43 सैन्य जहाज क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए हैं।
मध्य पूर्व में तेजी से बढ़ते इस सैन्य संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।




