8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग ने तेज की तैयारी, जुलाई में दो बड़े शहरों में होगी अहम बैठक, जानें कब बढ़ सकती है सैलरी
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी हलचल तेज हो गई है। सरकारी सूत्रों और कर्मचारी संगठनों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है। आयोग अब देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव जुटा रहा है, ताकि नए वेतन ढांचे को अंतिम रूप दिया जा सके।
करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों, यानी लगभग 1.15 करोड़ लोगों की नजरें अब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि आयोग की रिपोर्ट के बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
जुलाई में भुवनेश्वर और कोलकाता में होगी अहम बैठक
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला 8वां वेतन आयोग जुलाई 2026 में दो महत्वपूर्ण राज्यों का दौरा करेगा।
- 6 और 7 जुलाई 2026 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और संबंधित पक्षों के साथ बैठक होगी।
- इसके बाद 9 और 10 जुलाई 2026 को आयोग कोलकाता में विभिन्न केंद्रीय विभागों के प्रतिनिधियों से चर्चा करेगा।
इन बैठकों में रेलवे, डाक विभाग, रक्षा मंत्रालय समेत कई केंद्रीय विभागों के कर्मचारी संगठन अपनी मांगें और सुझाव आयोग के सामने रखेंगे। इन बैठकों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 जून 2026 को पूरी हो चुकी है।
30 जून तक मांगा गया ऑनलाइन डेटा

आयोग ने वेतन और पेंशन से जुड़े आंकड़े जुटाने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई है। इसके तहत विभिन्न विभागों और संगठनों से ऑनलाइन डेटा और सुझाव मांगे गए हैं।
ऑनलाइन डेटा जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। इसके आधार पर आयोग नए वेतन ढांचे का विस्तृत अध्ययन करेगा।
इसके अलावा आयोग वेतन और पेंशन संबंधी गणनाओं को बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए 20 कंसल्टेंट्स की नियुक्ति की प्रक्रिया भी पूरी कर रहा है।
कब लागू हो सकती है नई सैलरी?
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नवंबर 2025 में गठित 8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। यानी आयोग को मई 2027 तक अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपनी हैं।
हालांकि कर्मचारी संगठनों का मानना है कि आयोग डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक डेटा विश्लेषण तकनीकों का उपयोग कर समय से पहले अपना काम पूरा कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो आयोग मार्च या अप्रैल 2027 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है, जिससे बजट 2027 से पहले नई सैलरी पर फैसला संभव हो सकता है।
कितनी बढ़ सकती है कर्मचारियों की सैलरी?
फिलहाल सरकार की ओर से फिटमेंट फैक्टर या वेतन वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
हालांकि विभिन्न कर्मचारी संगठनों और बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी की जाती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में लगभग 25% से 30% तक बढ़ोतरी हो सकती है।
ध्यान रहे कि यह केवल संभावित अनुमान हैं। वास्तविक वेतन वृद्धि आयोग की अंतिम सिफारिशों और केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी।
कर्मचारियों की बढ़ी उम्मीदें
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया में तेजी आने से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत और वेतन संरचना में सुधार की मांग को देखते हुए कर्मचारी संगठन इस बार बेहतर फिटमेंट फैक्टर और संशोधित वेतनमान की उम्मीद कर रहे हैं।
अब सभी की नजर आयोग की आगामी बैठकों और अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय में लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय पर सीधा असर डाल सकती है.




