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इलाहाबाद हाईकोर्ट का गायों के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने वाले आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार

केस टाइटल- हरिकिशन बनाम उत्तर प्रदेश राज्य 2024 लाइवलॉ (एबी) 527 इलाहाबाद हाईकोर्ट

प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह गायों के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी थी। आरोपी-हरिकिशन को जून 2023 में IPC की धारा 377 के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तार किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसे गायों के साथ अप्राकृतिक कृत्य करते देखा गया। उसने हाईकोर्ट के समक्ष वर्तमान दूसरी जमानत याचिका दायर की, जिसमें उसके वकील ने तर्क दिया कि वह निर्दोष है और उसे वर्तमान अपराध में झूठा फंसाया गया। तर्क दिया गया कि इंफॉर्मेंट ने अपने समर्थक के साथ मिलकर आवेदक के खिलाफ दो दिन की देरी से एफआईआर दर्ज कराई, जिससे वर्तमान ग्राम प्रधान को हराया जा सके और अप्रत्यक्ष रूप से ग्राम प्रधान को निशाना बनाया जा सके, क्योंकि आवेदक वर्तमान ग्राम प्रधान के परिवार से है। यह भी तर्क दिया गया कि जब पहली जमानत पर सुनवाई हुई थी तब किसी गवाह से पूछताछ नहीं की गई। अब हालांकि चार गवाहों से पूछताछ की गई लेकिन किसी ने भी अभियोजन पक्ष की कहानी का समर्थन नहीं किया। इसलिए उन्हें पक्षद्रोही घोषित किया गया।

संदिग्ध घटना के कथित वीडियो के निर्माता का नाम और जिस मोबाइल नंबर से वीडियो वायरल हुआ उसका खुलासा न तो एफआईआर में किया गया और न ही किसी गवाह के बयान में किया गया। इसे देखते हुए यह प्रार्थना की गई कि आरोपी आवेदक को जमानत पर रिहा किया जाए।

दूसरी ओर राज्य की ओर से पेश एजीए ने जमानत देने की प्रार्थना का विरोध किया और कहा कि आवेदक ने गौशाला में गायों के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया था, जिसकी पुष्टि वीडियो फुटेज से होती है।

इस पृष्ठभूमि में जस्टिस पीयूष अग्रवाल की पीठ ने पाया कि आवेदक ने गौशाला में गायों के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया, जिसकी पुष्टि वीडियो फुटेज और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की मेडिकल रिपोर्ट से हुई।

विशेष रूप से न्यायालय ने आगे यह भी माना कि आवेदक के वकील ने तत्काल जमानत आवेदन में कोई नया आधार नहीं लिया। इसलिए मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना न्यायालय ने आरोपी आवेदक को जमानत देने से इनकार किया।

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