देहरादून। श्री बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच के लिए आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।
सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी तथा यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बीकेटीसी ने भी लिया बड़ा फैसला
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। समिति की ओर से उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
मुख्यमंत्री धामी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी।
जांच समिति क्या करेगी?
- दान और चढ़ावे के रिकॉर्ड की जांच
- वित्तीय लेनदेन का सत्यापन
- संबंधित अधिकारियों से पूछताछ
- आवश्यक होने पर विस्तृत ऑडिट की सिफारिश
अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।



