भारत में करेंसी को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और नकली नोटों से बचाने के लिए समय-समय पर नई तकनीक अपनाई जाती रही है। अब चर्चा पॉलीमर यानी प्लास्टिक बैंकनोट की है।
पॉलीमर नोट क्या होते हैं?
Polymer Banknote विशेष प्लास्टिक सामग्री से बनाए जाते हैं।
इनकी उम्र कागज के नोटों से काफी ज्यादा होती है।
ये पानी में जल्दी खराब नहीं होते।
फटते कम हैं।
भारत में पहले भी हुआ था परीक्षण
भारत में इससे पहले भी पॉलीमर नोटों पर चर्चा हो चुकी है।
कुछ शहरों में ट्रायल की योजना बनी थी।
अब फिर इसे लेकर नई तैयारी की बात सामने आई है।
क्या होंगे फायदे?
✔ ज्यादा टिकाऊ
✔ नकली नोट बनाना कठिन
✔ गंदे कम होते हैं
✔ लंबे समय तक चलते हैं
✔ सरकार की प्रिंटिंग लागत लंबे समय में कम हो सकती है
क्या पुराने नोट बंद होंगे?
यदि भविष्य में पॉलीमर नोट जारी होते हैं, तो सामान्यतः पुराने नोट तुरंत अमान्य नहीं होते। इस संबंध में अंतिम निर्णय RBI द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा।
RBI की भूमिका
भारत में बैंकनोट जारी करने की जिम्मेदारी RBI की है।
लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
आम जनता पहले की तरह नोटों का उपयोग करेगी।
बैंकिंग व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
दुनिया के कई देशों में पॉलीमर नोट पहले से चल रहे हैं।



