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Instagram पर बच्चों से जुड़े कथित आपत्तिजनक विज्ञापनों पर Meta को केंद्र सरकार का नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

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सरकार ने अब दिग्गज टेक कंपनी मेटा को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कथित आपत्तिजनक विज्ञापनों को लेकर नोटिस जारी किया है. सरकार ने कंपनी को ऐसे सभी विज्ञापनों और कंटेंट को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है. साथ ही 7 दिनों के भीतर इस मामले पर विस्तृत जवाब भी मांगा गया है. सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

केंद्र सरकार का मेटा को नोटिस

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को नोटिस जारी कर कहा है कि इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े सभी कंटेंट और ऐसे विज्ञापनों को तत्काल हटाया जाए. मंत्रालय ने कंपनी से यह भी पूछा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वह कौन-कौन से कदम उठाएगी. वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और POCSO Act, 2012 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि मेटा का रिकमेंडेशन एल्गोरिद्म ऐसे वीडियो और विज्ञापनों को बढ़ावा दे रहा था, जिनका संबंध बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट से था. रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि इंस्टाग्राम पर कुछ पेड विज्ञापनों में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो यूजर्स को ऐसे प्लेटफॉर्म की ओर ले जाते थे, जहां इस तरह का गैरकानूनी कंटेंट उपलब्ध कराया जा रहा था.

इसके बाद सरकार में मेटा से पूछा है कि जब उसकी विज्ञापन नीति अश्लील और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री पर रोक लगाती है, तो फिर ऐसे विज्ञापनों को मंजूरी कैसे मिली. इसके अलावा कंपनी से यह भी पूछा गया है कि आरोप सामने आने के बाद उसने क्या कार्रवाई की और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उसकी क्या योजना है.

सरकार का कहना है कि अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो मेटा केवल यह कहकर जिम्मेदारी से बच नहीं सकती कि यह तीसरे पक्ष का कंटेंट था. अगर कंपनी को ऐसे विज्ञापनों से राजस्व मिला है, तो उसकी जवाबदेही भी तय होगी.

नोटिस मिलने पर मेटा की प्रक्रिया

मेटा के अनुसार, बच्चों के यौन शोषण से जुड़े किसी भी तरह के कंटेंट या विज्ञापन के प्रति उसकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है. कंपनी का कहना है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और विशेषज्ञ टीमों की मदद से ऐसे कंटेंट की पहचान कर उसे हटाने का लगातार प्रयास करती है. कंपनी के अनुसार, अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर सुरक्षा प्रणाली को चकमा देने की कोशिश करते हैं. ऐसे में मेटा अपनी तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है. साथ ही, अन्य तकनीकी कंपनियों के साथ भी जानकारी साझा की जाती है जिससे ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके.

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