नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा IPO अब जल्द हकीकत बनता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज (मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से) सितंबर 2026 तक BSE पर लिस्ट हो सकता है। हालांकि, इसके लिए NSE को अभी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) की मंजूरी का इंतजार है। सूत्रों के मुताबिक, SEBI अगस्त 2026 के बीच महीने में NSE के DRHP को मंजूरी दे सकता है। DRHP को मंजूरी मिलने के बाद कंपनी के IPO की प्रोसेस आगे बढ़ सकेगी।
NSE फिलहाल अपने IPO की तैयारी के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोडशो आयोजित कर रहा है। इसके साथ ही, कंपनी घरेलू संस्थागत निवेशकों से भी लगातार बातचीत कर रही है, ताकि IPO को लेकर उनकी रुचि और भागीदारी बढ़ाई जा सके। इन रोडशो का मकसद निवेशकों की मांग को समझना और प्रस्तावित शेयर बिक्री के लिए उचित कीमत तय करने में मदद करना है। इससे कंपनी को यह अंदाजा लगाने में भी मदद मिलेगी कि निवेशकों की ओर से IPO को कितना सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, IPO का फाइनल इश्यू साइज, कंपनी का वैल्यूएशन और लिस्टिंग की तारीख अभी तय नहीं हुई है। यह पूरी तरह बाजार की परिस्थितियों और रोडशो के दौरान निवेशकों से मिलने वाली प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।
करीब 10 साल से लटका है NSE का IPO
NSE का IPO पिछले करीब 10 साल से अटका हुआ है। एक्सचेंज ने पहली बार 2016 में IPO के लिए DRHP दाखिल किए थे। लेकिन उसी दौरान सामने आए को-लोकेशन विवाद के बाद SEBI ने मामले की जांच शुरू कर दी, जिसके चलते IPO की प्रोसेस आगे नहीं बढ़ सकी। को-लोकेशन विवाद के बाद NSE लगातार अपने पुराने मामलों को सुलझाने में लगा रहा। इनमें इस मामले से जुड़ी सेटलमेंट एप्लिकेशन भी शामिल हैं। इन विवादों को खत्म करने की कोशिश इसलिए की गई, ताकि कंपनी के IPO की प्रोसेस दोबारा आगे बढ़ सके।
क्या है NSE का को-लोकेशन मामला?
यह मामला 2015 में सामने आई शिकायतों से जुड़ा है। आरोप था कि NSE ने कुछ को-लोकेशन क्लाइंट्स को प्राथमिकता के आधार पर अपने ट्रेडिंग सिस्टम तक पहुंच दी, जिससे उन्हें दूसरे निवेशकों की तुलना में तेजी से ट्रेड करने का फायदा मिला। इसी मामले की जांच के कारण NSE का IPO लंबे समय तक अटका रहा।
डिस्क्लेमर : यह खबर केवल जानकारी के लिए है। इसे किसी भी स्टॉक में खरीदारी या बिकवाली की सलाह ना समझें। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए किसी भी निवेश से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।




